मैं आऊंगा!

मैं आऊंगा,
मुक्त होकर तुमसे मिलने!
तुम प्रतीक्षारत हो!
ज्ञात है मुझे!

अभी बोझ है सिर पर
अभी मिलन मिलन जैसा न होगा!
अभी मैं विसर्जित नही हुआ है
अभी तमस से युक्त हूँ!

निशा तेरी वेदना का ज्ञान है मुझको
उम्र है मेरी जलन की नित निरन्तर अनवरत!
उम्र की संध्या में तुममे एक होना है मुझे!
उम्र की....

आऊँगा मैं तेरे चरणों की धूल बनने
तुझपे मर मिटने!
आऊँगा,ये निश्चित है।
मिलन हमारा शाश्वत है।।

तुम्हे महसूस करता हूँ
अधूरी साँस में मैं नित्य
इन साँसों के पूर्ण होने तक
मैं आऊंगा खुदको मिटाकर!

आऊँगा,अभी संसार छट रहा है
अभी आलोक की प्रतिबद्धता है
निशा में मिल के मुझको...
है करनी उम्र पूरी!

कहानी चल रही है
जन्म नही अब शेष है!
ग्लानि नही है रंच मात्र
तुम समझोगे मुझको।।
यकीं है मुझे!
तुम्हारे द्वार पर दस्तक दूंगा मैं,
हा आऊंगा मैं!


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