Posts

Showing posts from August, 2021

धनी बनने के सूत्र!

क्या आप गरीब है? यदि आपका उत्तर हां है तो पुनः एक प्रश्न-क्या आप अमीर होना चाहते हैं? यदि आप इन दोनों प्रश्नों के उत्तर से संतुष्ट होना चाहते हैं तो ये लेख आपके लिये है। अहोभाव प्रकट करना जी हां अहोभावित होना ही धनी बनने का प्रथम सूत्र है। शिकायत के समस्त भावों से मुक्त होइये,छोटी से छोटी एवं बड़ी से बड़ी सभी शिकायतों का त्याग आपको अमीर बना देगा। बदले में आप अहोभावित होइये जो भी आपके पास है,जैसे स्वस्थ शरीर,अच्छी स्वांस इत्यादि या फिर आपका परिवेश जो भी आपको मिला है ईश्वर की तरफ से अपने अंग-अंग रोम-रोम को धन्यवाद के भावों से भरिये!  ये कठिन है किंतु असाध्य नही। आहिस्ता-आहिस्ता अभ्यास करने से आप इसमें परिपक्व हो जाएंगे! और जिस क्षण इसमें पूर्ण हुए आप!  मुबारक हो आप अमीर बन गए! संसाधनों पे डेडिकेटेड होना! अर्थात जितने भी संसाधन हैं आपके पास प्रथमतया उन पर अपना शतप्रतिशत समय और समर्पण दीजिये। धीरे-धीरे आपके वही संसाधन घनीभूत एवं पवित्र होते जाएंगे और आपकी स्किल भी बेहतर होती जाएगी। ये कही भी किसी भी क्षेत्र में सम्भव है। धनवान एवं समृद्ध व्यक्ति विनम्रतापूर्वक समाधान पर ध्यान देते ह...

अनाम यात्रा रहस्य..१

रवींद्रनाथ जी के जीवन की एक महत्वपूर्ण घटना है। एक साधक या ईश्वर-प्रेमी ईश्वर को बहुत तल्लीन होकर ढूंढता है; एक दिन अचानक वो ईश्वर के घर पहुंच जाता है; दरवाजे पर दस्तक देने ही वाला होता है। उसके और ईश्वर के बीच बस एक खटखटाहट! किन्तु वो दरवाजा खटखटाया ही नही,वापस लौट आया। ये छोटी कहानी बहुत सार लिये हुए है। बौद्धों का बोधिसत्व भी बिलकुल इसी तरह हैं। विवेकानंद की ज्ञानप्राप्ति के उपरांत भी पुनर्जन्म की इच्छा भी बिलकुल यही है। ये मेरे साथ भी हुआ,मैंने जिसको पूजा,जिसकी चाह बड़ी सिद्दत से की। उसे पाकर या पाने का अधिकारी होकर भी उसे त्याग दिया। ये वास्तविक क्रांति है जीवन की जो अनुभूत हुई... शायद इस कहानी से ये रहस्य खुल जाए..किन्तु नही अब वास्तविक रहस्य तो मैं समझा ही नही सकता किसी को,आपको भी नही। बस इशारा कर सकता हूँ,श्रम आपको करना होगा।

अनाम यात्रा रहस्य!

तुम्हें लिखूँ या त्याग दूँ, त्यागना तो मुश्किल है फिलहाल। 13 वर्ष हो गए जबसे मैं आपको जानता हूँ। इन वर्षों में कभी भी वासना की एक बूँद भी निर्मित नही हुई। मात्र प्रेम,मात्र साहचर्य, मात्र समर्पण। भोर का सूर्य रजनी में नहाकर निकलर ही प्रभाकर होता है। ये मेरे लिये मीमांसा है,आपका साथ दर्शन है एक अन्यत्र जगत का। ये साथ मुझे मुझसे मिलाकर मुझसे मुझको ही छीन लिया। क्यों,आखिर क्यों ये अभी भी अज्ञात है,हाँ किन्तु एक किरण है जो अत्याज्या आध्यात्मिक है..जो मुझे,मेरी आत्मा को मजबूर करती है इस पथ पर चलने को। मैं स्वयं को ही पुनरुक्त करने की कोशिश करता हूँ कि आखिर इतना बड़ा अचरज हो कैसे रहा है। क्या हमारा पुनर्जन्म हुआ है। या कुछ शेष रहा जिसे अशेष होना है। क्या आप माँ शारदा हैं। इस कहानी का आदि कहा हैं,हम मध्य मे मिले या हमारा आदि मिलन हुआ इत्यादि सैकड़ों प्रश्न। मैं खुद को ढूंढ रहा हूँ,मैं  खुद ही खुद को नही रोक पाता, क्या आप जादूगर हैं... अक्सर इन बातों का उत्तर मस्तिष्क देने में असमर्थ हो जाता है। सिर भारी हो जाता है। हाँ, आत्मा बिलकुल सहज उत्तर दे देती है। फिर भी आखिर क्यों, क्यों और क्यों......

तालिबान!

तालिबान का अर्थ ज्ञानार्थी होता! धिक्कार है ऐसे ज्ञानार्थियों पर! किन्तु यहाँ एक चीज है जो नवनीत है! जब ये जाहिल अपनी जाहिलियत से मात्र इनके आराध्य अल्लाह को स्वीकार करके विश्व में तांडव मचाने का ख्वाब पाल कर पूरे विश्व विजय की कामना करते हैं! तो क्या हम इनके विपरीत एक शान्ति एवं सद्भाव से युक्त विश्व के विषय में नही सोच सकते! मैं ये मानता हूँ कि इसके लिये हममे ज्यादा सामर्थ्य एवं धैर्यवान एवं सार्वभौमिक धर्म को विकसित करने की जरुरत है।

Dividend..लाभांश!

The date is 13-08-2021 I got my first dividends from Itc! Feeling nice! इस दिन के एक दिन बाद 14 अगस्त को मुझे ये ज्ञात हुआ कि मैं अपनी चैतन्य यात्रा के बेहद निकट जा चुका हूँ! जहाँ मुझे बचपन वाले स्वप्न के भेद तो खुलते नजर नही आये किन्तु वही स्वप्न वही आग वही भवन का जलना मैं स्पष्ट रूप से पुनः देख पाया और जब मैं जगा तो मुझे ज्ञात हुआ कि मैं ITC का लाभांश ₹104 भी प्राप्त कर चुका हूँ एक रोज पहले! अब मुझे प्रतीत होता है कि एक जन्मजात फोड़े की सम्पूर्ण मवाद बह सकती है। किंतु यहाँ मैं कुछ नही करूँगा बस द्रष्टा बना रहूंगा! ये लेख मात्र मेरी स्मृति के लिये है।

सम्यक व्यक्तित्व!..३

१-जीवन के किसी भी मोड़ पर किसी भी अच्छे विचार या तथ्य के विरुद्ध कभी भी कोई बहस नही करना चाहिए। इससे आपका व्यक्तित्व दूषित तथा मन दुःखी ही होगा। २-साईकल चलाने का अभ्यास करें एवं जब आवश्यक हो तभी किसी डीजल,पेट्रोल या अन्य ईंधन से चलने वाले वाहन का प्रयोग करें। इससे आपके धन एवं वक़्त दोनों की बचत होगी तथा स्वास्थ्य में बेहतरीन सुधार होगा।आपको जिम जाने की जरूरत नही पड़ेगी एवं पर्यावरण भी शुद्ध होगा। ३-आपके जीवन को संवारने एवं समृद्ध करने के लिये वो सलाह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है जो आप समान परिस्थितियों में किसी अन्य प्रिय व्यक्ति को देते हैं।

सम्यक व्यक्तित्व!...२

१-सुंदर आपकी देंह, चेहरा इत्यादि नही होता है। सुंदर होता है सत्य! सत्य परम सुंदर है,सत्य छोटे-छोटे अभ्यास से प्रारंभ होकर एक विस्तीर्ण रूप धारण करता है जो बहुत मधुर एवं मनोहर होता है। यदि आप सत्य का पालन कर रहे हैं तो आपको धर्म का मार्ग मिलेगा जहां आपको शांति एवं सुकून दोनों मिलेगा एवं आप निरन्तर नूतनता के बोध से जागृति के मार्ग पर अग्रसर होकर इस संसार से मुक्त होकर परमधाम को जायेंगे। २-यदि आप किसी समुदाय, समाज,राष्ट्र या विश्व में कहीं भी निवास कर रहे हैं तो आपको किसी भी ऐसे आचरण को धारण नही करना चाहिये जिससे आप बहुसंख्यक समूह के सद्चरित्र लोगों पर बोझ बने! आपको अपने आचरण से सदैव एक सुगंध प्रसारित करके शांति,सन्तोष एवं प्रेम की स्थापना करने का भरसक प्रयत्न करना चाहिए। ३-आपको प्रकृति के प्रति सदा अनुग्रहीत भाव से समर्पित होकर उसके उत्थान एवं समृद्धि में जितना सम्भव हो सहयोग करके इस पृथ्वी को औऱ सुंदर हरा भरा बनाकर ही इस नश्वर शरीर का त्याग करना चाहिए।

सम्यक व्यक्तित्व!..१

१-यदि आप एक उदण्ड व्यक्तित्व के प्रवाह में हैं वर्तमान में तो कभी भी जब आपका व्यवहार एक......सरल,सहज,निश्छल,सहनशील एवं विनम्र व्यक्ति से हो तब आपको अपने व्यवहार से..उस व्यक्ति को उदण्ड होने पे मजबूर नही करना चाहिये। क्योंकि आप उसकी उदण्डता बर्दाश्त नही कर पायेंगे! २-यदि आपको कोई कष्ट दे रहा है तो अपने कष्टसहन की अंतिम सीमा को विस्तीर्ण करते जाइये एवं प्रत्येक बिन्दु पर अपनी अंतरात्मा से उसको क्षमा करिये एवं उसके प्रति करुणावान बने रहिये। यकीन करिये एक क्रांतिकारी घटना घटेगी और उस घटना को साक्षी भाव से देखिये निष्पक्ष होकर!...आपको परमानंद बोध होगा। ३-यदि आप किसी बच्चे के माता या पिता है तो प्रेमपूर्वक उसका पालन करिये एवं अपने जीवनसाथी से कोई तनाव मत पालिये।आप अपने बच्चे को कुछ मत बनाइये उसे स्वतंत्रतापूर्वक जीवन जीने दीजिये। आपका बच्चा अतिप्रतिभाशाली होकर संसार मे कीर्ति एवं यश को उपलब्ध होगा।