भाग्या एक निष्कर्ष!
तेजस आज अचानक परिवर्तित हो चुका है, वो ये गहराई तक समझ चुका है कि उसे अब मुक्ति मिल चुकी है। अदिति से अचानक वो मुक्त हो गया। ये एहसास अभी तेजस के हृदय से रोम-रोम में संचरित हो रहा है।
अदिति उसके जीवन यात्रा में एक ऐसा मील का पत्थर रही जिसके बाद उसके रास्ते बिल्कुल परिवर्तित हो चुके थे। वे दोनों कॉलेज से साथ पढ़े। अदिति का तो पता नही लेकिन तेजस धीरे-धीरे समर्पित होता जा रहा था। उसे अदिति में बहुत ज्यादा विशेष दिखता था। तेजस बहुत ही शांत स्वभाव का लड़का था।
लड़कियों से हमेशा-से दूर रहने वाला एक ग्रामीण पृष्ठभूमि से उभर कर शहर आया हुआ लड़का जिसे शहर की ज्यादातर चीजें अचरज में डाल देती थी। तेजस क्लास में कभी अदिति से बात नही किया,डर या संकोच कुछ भी हो या शायद दोनों हो।
पढ़ाई में अच्छा था तेजस मेहनती विद्यार्थियों में से एक था,कुछ अध्यापकों एवं सहपाठियों को वो प्रतिभाशाली लगता था लेकिन मूलतः उसके प्रतिभा में लगन और परिश्रम का समावेश था।
तेजस की कुल प्रेम कहानी में बात इतनी थी कि वो क्लास में सबसे छूप के कभी कभी अदिति को क्षण भर के लिये देख भर लेता था,और क्लास ओवर होते समय रास्ते मे अदिति को साइकल से जाते समय देख लेना उसे भर देता था भावों से।
फिर घर आकर ग़ुलाम अली की ग़ज़ल सुनना,यही दिनचर्या थी उसकी। धीरे-धीरे वक़्त बीता तेजस का एकतरफा प्रेम अदिति के लिये गहन होता चला गया और फिर कॉलेज की पढ़ाई पूरी हुई। अभी तक तेजस और अदिति में कोई व्यक्तिगत बातचीत नही हुई थी और क्लास में भी न के बराबर ही बोला होगा तेजस इतना कि उसे बात कहा ही नही जा सकता।
13 वर्ष तक तेजस अपनी तेजस्विता अदिती को बिना बताए उसकी प्रत्येक मूवमेंट को वॉच करता रहा। इस दौरान वो अदिती से मिला भी कई मौकों पर। यहाँ तक की वो अपनी नवविवाहिता पत्नी से भी मिलाया उसे।वो बता भी दिया था अपने विवाह के पूर्व ही अदिती से कि वो उसके प्रेम में डूबा हुआ है। अदिति ने प्रत्येक बार उसकी भावनाओं का बड़ी संजीदगी से सम्मान किया। अब अदिति और तेजस की धर्मपत्नी भाग्या दोनों अच्छे दोस्त भी बन चुके थे।
तेजस अब भी मिलता है अदिती से अपनी धर्मपत्नी के साथ ऐसे मौकों पर तेजस बहुत कम बोलता है। तेजस साक्षी है इन समस्त क्रियाओं का। वो सब कुछ देखता रहता है निर्लिप्त भाव से।
किन्तु एक समय आया जब तेजस अदिती को अपने हृदय में समाहित कर भौतिक रूप से उससे दूर हो जाना चाहता है।
तेजस अपनी पत्नी भाग्या का भी बहुत सम्मान करता है।और उससे बहुत प्रेम भी करता है।
तेजस अब एक सरकारी नौकर है वो अपने कार्य और लक्ष्य के प्रति संवेदनशील रूप से एकाग्रचित्त है। वो मुक्त हो चुका है अदिति से। क्योंकि अदिति को स्वयं में समाहित कर चुका है ये बात उसकी पत्नी भी जानती है और इसका उस पर या उसके पति तेजस के प्रति समर्पण में कोई भी प्रभाव या अभाव नही है।
तेजस स्वयं को इन सब घटनाओं का साक्षी होकर धन्य समझता है।
Comments