विस्तार

विस्तार एक रहस्य है,औऱ विवेकानन्द रहस्य को उजागर नही करते रहस्यों को जानना तुम्हारा धर्म है,रहस्यमयी दुनिया का उजागर करना तुम्हारा धर्म नही,क्योंकि उसके परिणाम भयानक होंगे,
इसलिए यदि कोई वास्तविक रहस्य का जानकार है तो वो भविष्यवाणी नही करता,
यही हम भारतीयों ने किया,दुनिया के वैज्ञानिक आज जिन जिन रहस्यमय तथ्यों को सबके समक्ष प्रस्तुत कर रहे है भारतीय उन रहस्यों को सदियों से जानकर मौन है!

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