आपकी एक मुस्कान!

बातो-बातो के दौरान
मुझे एक दिव्यानुभूति हुई
सामने आपके बैठा हुआ मैं
और आपकी एक सहज मुस्कान!

योगेश्वर श्री कृष्ण द्वारा दिया गया
एक अतिश्रेष्ठ उपहार.... आपकी वो सहज मुस्कान।

तपस्या का फल मिलता है
मैंने तपश्चर्या में तमाम उम्र गुजारी
उसका प्रतिफल आपकी अद्भुत सौम्य मुस्कान!

वो मुस्कान मेरे ज़हन में
ज़िंदा रहेगी, फलेगी फूलेगी
मेरे मरने के बाद भी मेरे
प्राणों की अनुभूति संग अखण्ड रहेगी।

आपका आश्चर्य भरा प्रश्न
आपका दरवाजे पर ख़ड़े-खड़े मुझको
अंदर ले जाकर बिठाना....

इतनी गहन अनुभूति कि
मुझे अब कोई ख्वाहिश नही रही
अब आप अंतर्निहित हैं मुझमे...

बस अपनी मुस्कान को गले लगाकर
कठिन-से कठिन लक्ष्यों में लगे रहिये
क्यूंकि मुझे देखना है वो दिन जब आप
अपने जीवन के समस्त लक्ष्यों को बहादुरी से प्राप्त करे!

और अपनी जीवन यात्रा की सार्थकता को हासिल करें!

आपका
अहिंष्य!

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