व्यथित-व्यथा

क्या तुम व्यथित हो? परेशान हो किसी भी बात को लेकर...
तो निश्चिंत रहो मैं तुम्हारे निजी जीवन में कोई बाधा नही डालूंगा।

हा मैं अपना कार्य प्रारंभ करता हूँ
देखो प्रिय! व्यथा,क्रोध इत्यादि इस बात के सूचक हैं कि तुम्हारी इच्छाएं अनन्त है।
तो सर्व प्रथम अपनी छोटी इच्छाओं को पूर्ण करो.....

धीरे-धीरे तुम्हारे समस्त क्रोध विदा हो जाएंगे
और आनन्द का प्रस्फुटन होगा...







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