यशोधरा

सखी वो तुमसे कैसे कहकर जाते?
तुम मायावी दिव्य-कांता.....
बन्धन को चमकाकर-दमकाकर
अपने वक्ष-पास में उनको बांध ही लेती...

कैसे तुमसे कहकर जाते,वो एक पुत्र
तुम माता थी,,,उनकी सत्ता की जननी भी...
कैसे कहकर जाते; बोलो सखी कैसे कहकर जाते?

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