काला रंग!

रंगों में मैं काला रंग हूँ
काजल समझो या कलंक
लग जाऊंगा
छुड़ाना मुश्किल।।

लग जाऊं तो छुड़ाना मुश्किल!

मुझे कौन सा रंग लगाओगे
मैं तो काला रंग हूँ
सारे रंग समाहित मुझमे
रंगों में मैं काला रंग हूँ।
लग जाऊं फिर छूटे ना!

मत पढ़ना मुझको तुम प्यारे
रंग चढाता हूँ मैं ऐसा,
पहचान बदल जाएगी तुम्हारी
बच कर रहना मुझसे हमेशा
पहचान मिटा दूंगा तुम्हारी।।


दुनिया परिवर्तित कर दूंगा तुम्हारी
रंगों में मैं काला रंग हूँ
सटे मुझसे की गयी
तुम्हारी बनी बनाई पहचान...
मिट जाओगे तुम मत पढ़ना मुझको!।।

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