भारत और समृद्धि!

सन-सनन-सन-सन-सन सन्नाटा बोलेगा!...........
जिस दिन जागृत भारत बस अपने उर में देखेगा.....
जो नेता, अफसर-अधिकारी जीते हैं भारत के धन से...
गर थोड़ी भी नियत बिगड़ी...उनका सिंहासन डोलेगा!
अब भारत बोलेगा,समृद्धि बोलेगी!

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