सन्देश!
मुझमें और तुममें बस फर्क इतना-सा है,
तुम्हे चैन से जीना है,मुझे चैन से मरना हैं!
माँ, मदिरा, मैथुन,मत्स्य और मुद्रा!
जब आप इन पञ्च मकारों से मुक्त होते है तो
विद्या,विनय,विवेक, वय,वीरता इन पञ्च वकारों से युक्त होते हैं!
तुम्हे चैन से जीना है,मुझे चैन से मरना हैं!
माँ, मदिरा, मैथुन,मत्स्य और मुद्रा!
जब आप इन पञ्च मकारों से मुक्त होते है तो
विद्या,विनय,विवेक, वय,वीरता इन पञ्च वकारों से युक्त होते हैं!
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