पुकार माँ भारती का!
ये स्मित तेरा हे पुत्र!
करे कुछ कमाल इस तरह
कोई देख कलाम हो जाये,
कोई कृष्ण कबीर!
अहंकार का भक्षण करना
पथ में मिले गर कोई शूल!
मानवता-परचम
समृद्धि की अभिवृद्धि!
हे भारत अब जगो तुम भी
सुनो पुकार विश्व की तुम!
करे कुछ कमाल इस तरह
कोई देख कलाम हो जाये,
कोई कृष्ण कबीर!
अहंकार का भक्षण करना
पथ में मिले गर कोई शूल!
मानवता-परचम
समृद्धि की अभिवृद्धि!
हे भारत अब जगो तुम भी
सुनो पुकार विश्व की तुम!
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