पुकार..३
कोई आगे की योजनाओं में गुमसुम
कोई पीछे की जलन में मशगूल,
मुझे एक शख्स दो,
जो अभी इसी वक्त जी रहा हो।।
कि खिले हुए गुलाब को देख
रोमांचित हो रहा हो,
अपनी चलती सांसों से
सुकून पा रहा हो!
इन चलती हुई सांसों
की कीमत वो ही बता पाएंगे
जो अस्पताल में अभी
आखिरी सांस ले रहे हो!
सुहाना समीर जिसे इस वक़्त
कर रहा हो....मस्त
मुझे वो दो तुम बस वही शख्स!
शायद विरले ही होंगे
जिनको उनकी रजाई भी प्यारी..
लग रही हो,और मस्ती मे ओढ़े हुए हो!
नही तो किसी की कम है किसी की ज्यादा!
मुझे वो एक शख्स दो
जो अभी बस अभी के सिवा
कुछ और न चाहता हो!
और हर बात पे मुस्कुराता हो!
अगर मिले कोई तो उसे
मेरा पता दे-देना कई जन्मों से
पुकार रहा हूँ अभी तक तो कोई नही आया!
कोई पीछे की जलन में मशगूल,
मुझे एक शख्स दो,
जो अभी इसी वक्त जी रहा हो।।
कि खिले हुए गुलाब को देख
रोमांचित हो रहा हो,
अपनी चलती सांसों से
सुकून पा रहा हो!
इन चलती हुई सांसों
की कीमत वो ही बता पाएंगे
जो अस्पताल में अभी
आखिरी सांस ले रहे हो!
सुहाना समीर जिसे इस वक़्त
कर रहा हो....मस्त
मुझे वो दो तुम बस वही शख्स!
शायद विरले ही होंगे
जिनको उनकी रजाई भी प्यारी..
लग रही हो,और मस्ती मे ओढ़े हुए हो!
नही तो किसी की कम है किसी की ज्यादा!
मुझे वो एक शख्स दो
जो अभी बस अभी के सिवा
कुछ और न चाहता हो!
और हर बात पे मुस्कुराता हो!
अगर मिले कोई तो उसे
मेरा पता दे-देना कई जन्मों से
पुकार रहा हूँ अभी तक तो कोई नही आया!

Comments